हर साल हम प्रेम-भाव, श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ गणपति जी का स्वागत करते हैं, उनकी पूजा करते हैं, लेकिन हमारे घरों में कुछ दिन रहने के बाद जब गणपति बप्पा के हमसे विदा होने की बारी आती है, तो हमारा दिल भारी हो जाता है. फिर भी हम काफ़ी ख़ुशी से बप्पा का विसर्जन कर समृद्ध जीवन की दुआ मांगते हैं. लेकिन क्या हमने कभी सोचा कि बाज़ार में मिलने वाली गणेश जी की मूर्तियों में कितने खतरनाक केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है? क्या हमने कभी सोचा कि उन केमिकल्स का जलीय प्राणियों पर कितना व्यापक प्रभाव पड़ता है?
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