Pink देखने के बाद हर किसी ने यही कहा कि ये फिल्म देख कर आओ, सालों बाद महिलाओं और उनसे जुड़े मुद्दों पर कोई ज़बरदस्त फिल्म बनी है. जो फिल्म देखने गया, फेसबुक पर Status ज़रूर डाल दिया कि 'ग्रेट एक्टिंग बाय अमिताभ सर'... 'व्हाट आ फिल्म, ज़रूर देखनी चाहिए'. सबसे दिलचस्प बात ये रही कि इस फिल्म को देखने वो तबका भी गया, जिन पर कटाक्ष इस फिल्म ने किया था.

कुछ तो समझ गए, जो नहीं समझे, वो कभी नहीं समझेंगे!
वैसे इस फिल्म में एक बात और थी जिसे बहुत से लोग मिस कर गए, वो थी फिल्म का टाइटल 'PINK'. अधिकतर लोगों को लगा कि फिल्म को ये नाम इसलिए दिया गया क्योंकि पिंक कलर महिलाओं से जुड़ा होता है और उन्हें पसंद भी होता है.
नहीं!
Pink के नाम का असली अर्थ समझाया Times of India के एक ब्लॉग में Veeresh Malik ने, जो एक एक सीनियर राइटर हैं . उन्होंने लिखा कि Pink शब्द का इस्तेमाल पश्चिम में उस Vagina (योनि) के सन्दर्भ में होता है जो खरीदी गयी हो. मतलब साफ़ तौर पर ये कि किसी लड़की का रेप करना.

कुछ मीडिया Pages और Urban डिक्शनरी में Pink का अर्थ बताया गया है, जबरन किसी के Vagina में अपना Penis डालना (Insert).
Shoojit Sircar ने इसी वजह से फिल्म का टाइटल Pink रखा था... शायद ये अब समझ आ रहा है!
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